जब किसी महत्वपूर्ण या स्थापित व्यक्ति को हम सहज होकर मिलते या साधारण बातें करते देखते हैं तो हमें अच्छा लगता है और हम उसकी प्रशंसा करते हैं। तब हमें वह ज्यादा महत्वपूर्ण लगने लगता है और हम कह बैठते हैं -वह सचमुच महान है। यानी वह असाधारण व्यक्ति हमें ज्यादा प्रभावित करता है, जो साधारण नजर आता है।
जैसे बच्चों के साथ खूब घुल-मिलकर बात करने वाले राजनेता की एक अलग पहचान बन जाती है। मृदुभाषी होना किसी राजनेता का विशिष्ट गुण हो जाता है। कोई फिल्म स्टार अगर सामान्य कपड़े पहनता है और अपने संघर्षमय अतीत को हमेशा याद रखता है, तो आम आदमी उससे ज्यादा निकटता महसूस करता है। यानी साधारणता ही व्यक्ति की मूल कसौटी है। किसी का साधारण होना यह दर्शाता है कि वह कितना मानवीय है और लोग अपने नायकों को मानवीय देखना चाहते हैं। कोई कितना भी प्रतिभावान क्यों न हो, अगर वह मानवीय नहीं है तो उसे व्यापक स्वीकृति नहीं मिल पाती। शायद यही वजह है कि हम महान व्यक्तियों के विचार से ज्यादा उसके जीवन प्रसंगों को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। असल में हम उनमें साधारणता की खोज कर रहे होते हैं।
संजय कुंदन
Thursday, 28 May 2009
साधारणता की खोज
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2 comments:
आभार आपका.
बहुत सुंदर .. धन्यवाद।
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